Wishing Tree
By: Mridual Kalia Bhatnagar
I invite people to write their wishes and the same would be hung on the tree.
'ख्वाहिशों का पेड़'
कभी यह हाथ उठते हैं दुआओं में,
जिंदगी के सफ़र में जितना भी मिले कम लगता है,
जब तक सांस है, दिल करता है मांगने के लिए.
२०१२ के बाद साल ज्यादा हो या कम, अभी मौका है
आप की कई ख्वाहिशों को एक पेड़ पर बांधने के लिए.
मृदुल कालिया भटनागर
writingdoll@hotmail.com & writingdoll@twitter
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